गुरुवार, मई 10, 2018

ज़मीन_जिहाद

#ज़मीन_जिहाद
के तहत कोई भी सरकारी खाली जमीन पड़ी हो, उस पर नमाज़ पढ़ने शुरू कर दो और फिर धीरे धीरे उस पर पहले कपड़ो का तंबू लगाओ और फिर एक पूरी मस्जिद बना दो।
अब वोट बैंक हो तो,सरकार की परस्ती तो मिलेगी ही साथ मे अल्पसंख्यक का तमगा लगे होने का फायदा उठाते हुए, कोई तुम्हे रोके तो उस पर केस कर दो।
बिल्कुल ऐसा ही हुआ है,गुरुग्राम के वज़ीराबाद और कन्हाई गाँव मे।
जहां खाली पड़ी कई एकड़ ज़मीन पर,400-500 लोग नमाज़ पढ़ना शुरू करते है।
और जब वहां के कुछ लड़कों ने उन्हें रोका तो,कल उनके खिलाफ पुलिस करवाई कराकर 6 लोगो को जेल में बंद कर दिया।
अब सवाल की पुलिस ने इन्हें रोका क्यों, क्योंकी, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में भारतीय संविधान को धता बताने वाले इतने पॉइंट है, जो कानून को एक तरफ़ा करने में सक्षम है। इनमे कुछ हक़ इन्हें, संविधान ने दे दिए,और बाकी इन्होंने, अपनी जबरजस्ती और कट्टरता से, समाज मे कायम कर लिए।
जिसके चलते आप।
इन मुस्लिमो को बीच सड़क पर नमाज़ पढ़ने से नही रोक सकते।
ये जब और जहां चाहे, मस्जिद बनाकर, उस जमीन पर कब्ज़ा कर ले।
एक बार मस्जिद बन गई तो,उस ज़मीन पर फिर ये अल्लाह का हक़ बताते हुए, उसे किसी और काम मे लाने नही देते।
लाउडस्पीकर, जो पाकिस्तान में भी बेन है, तुम इनकी मस्जिद से उसे उतार नही सकते।
अगर कोई मुज़रिम, क़ुरान या नमाज़ पढ़ रहा है, और पुलिस उसको गिरफ्तार करने पहुचे, तो पुलिस को बैठ कर इंतज़ार करना होगा।
ये वो पॉइंट है, जो इन्होंने, अपनी कट्टरता के दाम पर समाज ही नही सिस्टम में भी मनवा लिए है।
अब इस जिहाद को रोकने के लिए,Uniform Civil code law जब आएगा तब आएगा पर mosque endowment act तो अभी आना चाहिए, जिस के तहत, मस्जिदे किसी वक़्फ़ बोर्ड की न होकर सरकार के आधीन हो।
और ये जबरजस्ती ज़मीन जिहाद के तहत, खाली पड़ी ज़मीनों पर कब्ज़ा करने से बाज़ आये।
Gaurav Sharma

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