गुरुवार, मई 10, 2018

बौद्ध गुरु विराथू जैसा एक महात्मा अब भारत मे भी चाहिए ।

   
शंखनादी सुनील

बौद्ध गुरु विराथू जैसा एक महात्मा अब भारत मे भी चाहिए ।
(बर्मा) के विराथू जी

आज बर्मा में सारे मस्जिद वीरान पड़े हैं , क्योंकि देश में मुसलमान देखने को भी नहीं कि वहां जाए ! और वहां जो हैं भी , उसकी ठुकाई हो रही है।

इस परिस्थिति का निर्माणकर्ता हैं - विराथु जी ! उपरोक्त घटना के पश्चात्‌ ही विश्व के लोग जान पाए कि यह महामानव कौन है , और इन्होने क्या कर डाला है !

पूरे संसार के संचार माध्यमों (मीडिया) ने इनका बहिष्कार कर रखा है , संचार माध्यम इनको "बौद्धों का ओसामा बिन लादेन " पुकारती है , या सीधा आतंकवादी ही बोल देती है ।

बौद्धों के धर्मगुरु विराथू जी ने पूरे देश को जगाया , इस्लाम के संकट को समझाया कि लोगों ने सेकुलरिज्म का त्याग कर दिया और अस्त्र - शस्त्र उठा लिए ! इसके पहले तक बौद्ध , महात्मा बुद्ध के रास्ते पर चल कर प्रताड़ित हो रहे थे , पर विराथू जी ने नया मन्त्र दिया , कहा - "अब समय शांत रहने का नहीं है , खतरे की घंटी बज चुकी है , प्रतिकार करना ही होगा ! "

यह उनका एक बहुत ही विवादित वक्तव्य था , जिसके पश्चात्‌ बर्मा में बौद्ध , हथियार का प्रत्युत्तर हथियार से देने लगे।

वहां भी सेक्युलरबाज नेता प्रभावी थे !
विराथू जी को सांप्रदायिक घोषित कर के , २५ वर्ष के कारावास के साथ कारागार में डाल दिया गया ।
पर तब तक विराथू जी के कई लघु चलचित्र (विडियो) , सामाजिक संचार माध्यमों (सोशल मीडिया) पर आ चुके थे । जिन्हें घर - घर में लोगों ने सुना और स्थिति स्पष्ट हो गईं थी !
क्योंकि किसी -किसी के बोलने में इतना आकर्षण और क्षमता होती है कि आंखों पर बंधी अज्ञान पट्टी भी उतर जाती है।

हमारे देश में ऐसे बोलने वाले कई हिन्दू साधू- संत , साध्वियां हैं । परन्तु ये लोग कभी इस विषय पर बोलते ही नहीं।

इस्लाम में ऐसे बोलने वाले लोग , आतंकवादी शिविरों में जाकर बोलते हैं । ये सम्मोहन की भांति है , जिसके पश्चात्‌ , एक मुस्लिम किसी दास (गुलाम) जैसा हो जाता है।
उसको हर उस मनुष्य से घृणा होने लगती है , जो मुस्लिम नहीं है।

बर्मा के सारे बौद्धों को विराथू जी ने समझाया , और सीधे घोषणा की - अगर देश बचाना है , स्वयं बचना है , अपनी लड़कियों को बचाना है , तो हर एक मुस्लिम को बाहर करो ।

उसके पश्चात्‌ तो जो कुछ हुआ , आज वह इतिहास बन गया है। संसार भर में उनके विरुद्ध हिंसक प्रदर्शन हुए ! भारत में भी हुए , लेकिन ९९% लोग (भारत के) जानते ही नहीं थे कि म्यांमार में ऐसा क्या हो रहा है , जिसके विरुद्ध प्रदर्शन हो रहे हैं ?
भारत में संचार माध्यम , एकपक्षीय समाचार ही दिखाता है !

विराथू जी जेल में थे ।
सरकार ने हवा की दिशा भांपते हुए , विराथू जी को १० वर्ष के पश्चात्‌ , हिरासत से छोड़ दिया और घोषणा कर दी कि "मुस्लिम इस देश के निवासी नहीं हो सकते , वे देश छोड़ कर चले जाएं ! "

रातों- रात भगदड़ मच गयी ,
पूरा देश खाली हो गया !
जबकि इन लोगों को पाकिस्तान सहित मुस्लिम मज़हब के सारे आतंकवादी संगठन समर्थन दे रहे थे, साधन उपलब्ध करा रहे थे !
बाहर के आतंकी भी आकर लड़ाई लड़ते थे !
लेकिन सब निष्फल हो गया !

बौद्धों की जीत हुई,
आज ब्रह्म देश इस्लाम मुक्त देश है !
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विराथू जी , आज पूरे वैश्विक सेकुलरबाज जगत के विलेन जैसे हैं , पर ब्रह्म देश में वे महानायक हैं ।

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