शनिवार, सितंबर 03, 2011

विनोद दुआ के चुनावी प्रचार सभा के भाषण का शीर्षक था बीजेपी के दो चेहरे.....

विनोद दुआ के चुनावी प्रचार सभा के भाषण का शीर्षक था बीजेपी के दो चेहरे.....

आजकल लोगो की ब्रांडिंग करके पैसा बनाने की परंपरा चल पड़ी है ऐसी एक पाकिस्तानी परस्त चेनल एनडीटीवी ने विनोद दुआ को ब्रांड बनाया, जो बड़ी बड़ी भाषण बाजी करता है शर्म निरपेक्षता का और सीपीएम, खानग्रेस का प्रचार करता है साफ है की वाह बीजेपी का ही विरोध करता है आज सुबह ऐसा ही भाषण बाजी कर रहा था शीर्षक था बीजेपी के दो चेहरे -
  1. शर्म निरपेक्ष प्रचारक विनोद दुआ कहता है की बीजेपी बांग्लादेशी मुसलमानों को घुट्पेठिए कहती है और वहाँ के हिन्दूओ को धारणार्थी और विस्थापितों का दर्जा देती है और उनके पुनर्वास की मांग करती है,तो इसमे गलत क्या है विनोद दुआ जी बांग्लादेश मे अल्पसंख्यक राजा नहीं होते जैसे भारत मे होते है ! वहाँ उन्हे आरक्षण पर मौत मिलती है उनके मंदिर तोड़े जाते है वे चुप रहते है यहाँ की तरह कोर्ट जाने का मौका नहीं मिलता है, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद उन्हे मौका मिलता रहता है----- क्या ऐसा पाकिस्तान और बांग्लादेश मे होता है बताइये "दुआ" जी
  2. कहता है की बीजेपी कश्मीर के लाल चौक मे तिरंगा फहरा रही है ऐसा क्यूँ कर रही है बीजेपी ? बीजेपी तिरंगा दँतेवाड़ा मे क्यूँ नहीं फहराती जहां उसकी सरकार है ? कश्मीर मे इससे दंगे फेलेंगे ! विनोद जी दांतेवाड़ा जिस राज्य मे है वहाँ बीजेपी की सरकार है वहाँ विधान सभा के सर पर क्या आपके देश पाकिस्तान का झण्डा है ? या बांग्लादेश का ? दंगे फेलेंगे तो क्यूँ फेलेंगे ! इसका मतलब तिरंगा कश्मीर के लोगो को चुभता है इसलिए की वह उनके देश का नहीं है ऐसा कश्मीरी कुत्ते मानते है इसलिए ही ना इसका कारण और तथ्य भी रख दीजिये विनोद जी ? ऐसी बहस कीजिये की कश्मीऋ क्यूँ नहीं फहराना चाहते है भारत का तिरंगा ? आप ऐसी बहस नहीं आयोजित करेंगे आपको पता है आपकी टीआरपी पाकिस्तान और भारत के गटर प्रदेशों मे और गिर जाएगी ! 
  3. विनोद दुआ साहब बार बार येदिरूप्पा की सरकार के बारें मे ही बात कर रहे है, कहता है की सोनिया गांधी की सरकार ने अपने दागी मंत्रियों पर कार्यवाही की लेकिन बीजेपी ने नहीं की  उनके पिछले 10-15 शो मे कभी 2g, राजा के बारें मे गहन चर्चा हुई है ? ऐसा क्यूँ विनोद दुआ साहब ऐसी भी क्या मजबूरी है, कभी अरुंधति के बारें मे भी टिप्पणी कीजिये जो आपके चेनल मालिक की संबंधी लगती है ताकि जनता को भी पता चले ? आपके दोहरे चरित्र के बारें मे ?     
  4. सबसे बहा कांटा चुभोया विनोद दुआ ने, कहा की बीजेपी अपने आप को भगवा आतंकवाद से दूर करने का प्रयास क्यू नहीं कर रही है अब स्वयं ही मीडिया आतंकवाद के रंग बता रही है तो दूसरों "doggyyo" के बारें तो क्या कहना ? दुआ और कहता है की संघ की मानसिकता हमेशा कट्टरपंथ की रही है और बीजेपी अपने आप को इनसे दूर करने का प्रयास नहीं कर रही है विनोद जी कभी 84 के दंगो, माओवाद, कॉंग्रेस के दामादो - कसाबों, अफजलों, इंडियन मुजाहिदीनों के बारें मे भी चर्चा कीजिये ?सवाल है आपसे की सम्झौता एक्स्प्रेस मे दो दो कबूलनामे आ रहे है तो किसे सच माने ? इसमे आतंकवाद का रंग कैसे ढूँढेंगे आप ? मीडिया वालों ?   
इस शो मे ऐसा लग रहा था की कॉंग्रेस जैसे आने वाले चुनावों के लिए प्रचार प्रसार कर रही है अपने मुख चेनल के द्वारा ! थोड़ी देर के लिए लगा की ये चेनल चुनाव के लिए प्रचार कर रहे है खानग्रेस सीपीएम के पक्ष मे !
क्या ये दुआ जैसे लोग बाज आएंगे कॉंग्रेस और सीपीएम के प्रचार करने से ...ये एनडीटीवी सीपीएम पार्टी का सहयोगी चेनल है ...........  


जाते जाते विनोद दुआ के लिए संदेश :::::::विनोद जी आप सिर्फ खबरें दीजिये कहा क्या हुआ अप खबरों पर मसल ना लगाये जनता इतनी भी मूर्ख नहीं है सब समझती है खैर आप अपनी और अपने चेनल की झोली भरते जाइए कॉंग्रेस सीपीएम के पैसे से और वैसे भी आपके चेनल को तो पाकिस्तान मे फ्री एंट्री है क्यूँ परेशान होते है आपके ही चेनल की एक रेपोर्टर पर कार्गिल के युद्ध के दौरान तीन फ़ौजियों की हत्या की दोषी है जिसे खान ग्रेस की सरकार ने पद्म श्री दिया है । आपकी ही बरखा डट है जिसे नीरा रडिया के मित्र के तौर पर जाना जाता है खास कर दलाल "बरखा दत" अब अपना मुह बंद करके बैठो क्यूँ की जनता सब जान चुकी है की पत्रकारिता एक दलाल का धंधा है खास कर एनडीटीवी आजतक जैसे चेनल जो ज्यादा कमाना चाहते है स्टिंग ऑपरेशन तक कर डालते है फिर अरब देशो से ब्लैंक चेक मिलते है ! शायद इसी को कहते है राष्ट्र भक्ति है ना विनोद जी

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