गुरुवार, मई 17, 2012

गुरुत्वाकर्षण शक्ति कि खोंज न्यूटन ने की ,ये हमारे लिए शर्म की बात है.

जिस समय न्यूटन के पुर्वज जंगली लोग थे ,उस समय मह्रिषी भाष्कराचार्य ने प्रथ्वी की गुरुत्वाकर्षण शक्ति पर एक पूरा ग्रन्थ रच डाला था. किन्तु आज हमें कितना बड़ा झूंठ पढना पढता है कि गुरुत्वाकर्षण शक्ति कि खोंज न्यूटन ने की ,ये हमारे लिए शर्म की बात है.

भास्कराचार्य सिद्धान्त की बात कहते हैं कि वस्तुओं की शक्ति बड़ी विचित्र है।
मरुच्लो भूरचला स्वभावतो यतो
विचित्रावतवस्तु शक्त्य:।।
- सिद्धांतशिरोमणि गोलाध्याय - भुवनकोश
आगे कहते हैं-

आकृष्टिशक्तिश्च मही तया यत् खस्थं
गुरुस्वाभिमुखं स्वशक्तत्या।
आकृष्यते तत्पततीव भाति
समेसमन्तात् क्व पतत्वियं खे।।
- सिद्धांतशिरोमणि गोलाध्याय - भुवनकोश

अर्थात् पृथ्वी में आकर्षण शक्ति है। पृथ्वी अपनी आकर्षण शक्ति से भारी पदार्थों को अपनी ओर खींचती है और आकर्षण के कारण वह जमीन पर गिरते हैं। पर जब आकाश में समान ताकत चारों ओर से लगे, तो कोई कैसे गिरे? अर्थात् आकाश में ग्रह निरावलम्ब रहते हैं क्योंकि विविध ग्रहों की गुरुत्व शक्तियाँ संतुलन बनाए रखती हैं।

ऐसे ही अगर यह कहा जाय की विज्ञान के सारे आधारभूत अविष्कार भारत भूमि पर हमारे विशेषज्ञ ऋषि मुनियों द्वारा हुए तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी ! सबके प्रमाण उपलब्ध हैं ! आवश्यकता स्वभाषा में विज्ञान की शिक्षा दिए जाने की है !

गुरुवार, मई 10, 2012

शिया के अनुसार सुन्नी मुसलमान नहीं होते ......bu kumar Sushil Kumar

शिया के अनुसार सुन्नी मुसलमान नहीं होते ......bu kumar Sushil Kumar

मेरे पिछले पोस्ट (अजान में और नमाज में विवाद !!) मै कमेन्ट आया की शिया मुसलमान नहीं होते है ==== जब मने जानकारी इकठ्ठा करनी शुरू की तो पता चला की (शिया के अनुसार सुन्नी मुस्लमान नहीं होते ) शिया सुन्नी को काफ़िर कहता है और सुन्नी शिया को ............................. ==== शियाओं की मुख्य किताबें यह हैं 1نهج البلاغ .नहजुल बलाग 2 .اُصول كافيउसूले काफी 3 .حياة القُلوبहयातुल कुलूब 4 .और حقُّ الايمانहक्कुल ईमान . कुछ समय पाहिले मैंने उर्दू में एक किताब " शिया सुन्नी इख्तिलाफात "पढ़ी ,जिसे मौलाना "नौमानी "ने लिखा है .और यह किताब एक सुन्नी साईट http://ahanaf .com में उपलब्ध है . मौलाना नौमानी ने अपनी इस किताब में जो लिखा है ,वह ज्यों का त्यों उर्दू से हिंदी में लिखा जा रहा है - "शियाओं के कुफ्रिया अकायद (मान्यताएं )और तकफीर (नास्तिकता )के लिए उनको काफ़िर करार दिया जा सकता है .शिया अपने कौल और अमल के खिलाफ कम करते हैं.और अपनी किताबें छुपाते हैं .इसलिए उनको मुनाफिक (कपटी )जिन्दीक (भ्रष्ट )और काफ़िर करार दिया जा सकता है .शियाओं को कोई सुन्नी मुसलमान बर्दाश्त नहीं कर सकता है .क्योंकि शियाओं के अकायद यह है - ................... 1 -शियाओं के अकायद. ................ " इमाम के बगैर दुनिया कायम नहीं रह सकती है ."उसूल काफी -पेज 103 "इमाम को मानना ईमान की शर्त है "उसूल काफी -पेज 105 "इमाम की अताअत फर्ज है "उसूल काफी -पेज 109 "इमाम जिसे चाहें हलाल और जिसे चाहें हराम कर सकते हैं "उसूल काफी -पेज 278 "शिया जालिम और फ़ासिक भी हो ,तोभी जन्नत में जायेगा "उसूल काफी -पेज 238 "शिया मुसहफे फातिमा को असली कुरान मानते हैं .इमाम जफ़र के मुताबिक यह कुरान से तिन गुना बड़ी थी "उसूल काफी -पेज 146 "इमाम जफ़र ने कहा कि जो अपने दीन(धर्म )को छुपाकर रखेगा ,अल्लाह उसे इज्जत देगा ,और जो अपने दीन को जाहिर कर देगा अल्लाह उसे रुसवा और जलील कर देगा "उसूल काफी -पेज 458 "इमाम दुनिया और आखिरत के मालिक हैं ,वह जिसे चाहें बक्श(क्षमा )कर सकते हैं "उसूल काफी -पेज 259 "इमाम जफ़र ने कहा कि दीन के दस हिसे हैं ,जिसमे से नौ हिस्से शियाओं के पास है .बाकी सब बे दीन (अधर्मी )हैं "उसूल काफी -पेज 486 2 -कुरान में तब्दीली और कमीबेशी .................... "शिया लोगों का अकीदा है कि ,कुरान में तब्दीली ,और कमीबेशी कि गयी है .इमाम जाफर ने कहा कि असली कुरान जो मुहमद पर नाजिल हुई थी उसमे 17000 आयतें थीं "उसूल काफी -पेज 671 "कुरान का दो तिहाई हिस्सा गायब कर दिया गया है "उसूल काफी ,फासले ख़िताब -पेज 70 "शियाओं का दावा है कि ,असली कुरान तो वह था ,जो अली ने मुरत्तिब (सम्पादित )किया था .और असली कुरान आज इमाम मेंहदी ले पास है " उसूल काफी -पेज 139 "कुरआन से पंजतन पाक (मुहम्मद के परिवार के लोग ,फातिमा ,अली ,हसन और हुसैन ) के बारे में और इमामों के बारे में जो भी लिखा था उसे निकाल दिया गया ,और कुरान में तहरीफ़ की गयी है "उसूल काफी -पेज 623 "अबूबकर ,उस्मान और उमर ने कुरान को बदल दिया था ,इसके लिए यह लोग मुजरिम और काफ़िर हैं "उसूल काफी -पेज 647 3 -सहाबा और तीन खलीफा जहन्नमी और लानती हैं ........................ "इमाम के मायने अली ,कुफ्र का मतलब अबू बकर ,और फस्क का मतलब उस्मान और उमर है "उसूल काफी -पेज 269 "जो अली की इमामत से इन्कार करे वह जहन्नमी है "उसूल काफी -पेज 270 "जिस तरह अल्ल्लाह ने रसूल को नामजद (नियुक्त )किया था ,उसी तरह अली कोऔर 12 इमामों को नामजद किया था "उसूल काफी -पेज 170 "अबू बकर ने खिलाफत पर बैठने से पहिले शैतान से बैयत (प्रतिबद्धता )की थी "फरोगे काफी -किताबे रौजा -पेज 159 और 160 "यह तीनों खलीफा (अबू बकर ,उस्मान ,उमर )और सभी सहबा मुर्तद और फासिक हैं "उसूल काफी -किताब रौजा -पेज 115 "अल्लाह के कामों में गलती भी हो सकती है ,जिसे बदा(بدا )कहा जाता है "उसूल काफी -पेज 814 "इमाम रजा ने कहा है की अल्लाह ने हमें "बदा "का अधिकार देकर भेजा है "उसूल काफी -पेज 86 4 -जब इमाम मेहदी प्रकट होंगे तो - ..................... "जब इमाम मेहदी आयेंगे तो ,रसूल उनसे बैयत करेंगे "हक्क्कुल यकीन-पेज 139 " "मुहम्मद की पत्नी आयशा को जिन्दा करेंगे ,और उससे फातिमा के ऊपर किये गए जुल्मों का इंतकाम लेंगे .और आयशा को दर्दनाक सजाएँ देंगे " हक्कुल यकीन -पेज 145 "अबू बकर उस्मान और उमर को कब्र सेनिकाला जायेगा और जिन्दा करके हजारों बार सूली पर चढ़ाया जायेगा "हक्कुल यकीन -पेज 145 "काफिरों से पहिले ,इन तीनों खलीफाओं और सहबिओं को सजा दी जाएगी .और बार बार जिन्दा करके क़त्ल किया जायेगा .फिर इनको नेस्तनाबूद कर दिया जायेगा "हक्कुल यकीन जिल्द 2 पेज 527 "आयशा और हफ्शा ने रसूल को जहर दिया था .और शहीद किया था .इनको किये की सजा दी जाएगी "हयातुल कुलूब -पेज 870 "जब इमाम मेहदी आएंगे तो ,आयशा को जिन्दा करके उस पर कोड़े लगायेगे "हक्कुल यकीन .जिल्द 2 पेज 361 "इमाम मेहदी काफिरों से पहिले सुन्नियों क़त्ल करवाएंगे "हक्कुल यकीन .जिल्द 2 पेज 527 "शिया मानते हैं कि रसूल कि मौत के बाद ही सारे सुन्नी मुरतद(धर्म भ्रष्ट ) हो गए थे ,सिवाय अबू जर और सलमान फारसी के ' उसूल काफी .जिल्द 3 पेज 115 5 -शिया -सुन्नी में अंतर ....................... शिया सुन्नी में मुख्य अंतर यह है 1 .शिया इमामों को और सुन्नी खलीफाओं को मानते हैं 2 .दौनों की अजाने और नमाजों के तरीके अलग हैं . 3 -शिया तीन बार और सुन्नी पांच बार नमाज पढ़ते है . 4 .शिया अस्थाई शादी "मुतआ "करते है . 5 .शिया सिर्फ अली को मानते हैं .बाकी सभी खलीफाओं और सहबियों को मुनाफिक (पाखंडी )गासिब (लुटेरा )जालिम (क्रूर )और इमां से खाली मानते हैं . 6 .शियाओं का नारा है "नारा ए हैदरी "और "या अली है . 7 .शिया मानते हैं कि सुन्नियो ने ही इमाम हुसैन को क़त्ल किया था .और सुन्नी अपराधी हैं. 8 .शिया यह भी मानते हैं कि ,मुहमद की पत्नी आयशा और हफ्शा चरित्रहीन और षडयंत्रकारी थी इन्हीं ने मुहम्मद को जहर देकर मारा था ................. शिया सुन्नी नमाज में अंतर --- ................. जिस तरह से शिया और सुन्नियों के विचार एक दूसरे से विपरीत और भिन्न हैं, उसी तरह उनकी अजान, नमाज भी अलग हैं. 1. शिया दिन में सिर्फ तीन बार नमाज पढ़ते हैं, और मगरिब के साथ ईशा की नमाज मिला देते है. सुन्नी पांच बार नमाज पढ़ते हैं. 2. सुन्नी हाथ बांध कर और शिया हाथ खोलकर नमाज पढ़ते हैं. 3. शिया "खैरल अमल " शब्द अधिक कहते हैं. 4. सुन्नी सजदे के समय जमीन पर सर रखते हैं, शिया किसी लकड़ी के बोक्स या ईंट पर सर रखते हैं. 5- शिया दुआ के बाद "आमीन " शब्द नहीं बोलते. 6 -तबर्रा धिक्कार . तबर्रा एक प्रकार की गाली (Insult )जो शिया मुहर्रम के महीने के एक तारीख से दस तारीख तक अपनी मजलिसों में खलीफाओं सहबियों और सुन्नियों को देते है .शिया बहुल क्षेत्रों जैसे लखनऊ ,हैदराबाद में तबर्रा खुल कर कहा जाता है .तबर्रा कविता के रूप में बोला जाता है .दक्खिन के शासक " قلي قتب شاهकुली क़ुतुब शाह "ने तबर्रा की एक पूरी किताब ही लिख दी है .जो दक्खिनी बोली में है .उसका एक नमूना देखिये - "इमामां पर हुए जो जुल्म नको पूछो मुसलमाना ये बातां तुम से कहने में कलेजा मुंह को आया है , सुवर के गू में मून्छियाँ दाढ़ियाँ यजीदियाँ की हजारां लानताँ उस पर कि जिसने ऐसा जाया है " =================== वास्तव में मुसलमान संतरे की तरह है ,कि जो देखने में एक लगता है ,लेकिन उसके अन्दर फाकें ही फांकें है .इसी तरह मुसलामामों के दूसरे फिरके भी है जो एक दुसरे को फूटी आँखों से नहीं देखना चाहते है .जो मसलमान यह सपने देख रहे है जैसे जैसे मुसलमान बढ़ाते जायेगे ,वह मजबूत होते जायेंगे .लेकिन यह मुसलमानों का केवल सपना ही है .जैसे जैसे मुसलमान बढ़ेंगे उतने ही लड़ेंगे ,और इनको परस्त करने में कोई देर नहीं लगेगी .केवल प्रयास करने की,जरूरत है .और उचित समय की देर है ! ===================== इसी तरह वहाबी (देवबंदी (,बरेलवी ,सूफी ,बोहरा ,इस्माइली ,कुर्द सब एक दुसरे को मुसलमान नहीं मानते .और काफ़िर ,मुनकिर ,मुनाफिक या बिदआती कहते . मुल्लों की तालीम के कारण लड़ना मुसलमानों का स्वभाव बन गया .हरेक में कट्टरपन जहर भर गया है .अभी तो उनके लड़ने के लिए गैर मुस्लिम मौजूद है .अगर जिस दिन दुर्भाग्य से सभी मुसलमान बन गए तो उसी दिन मानव जाति का सफाया हो जायेगा ============== .इनके अंतर्विरोध के बारे में अलग से विस्तार से कभी आगे लिखा जायेगा . इसलिए अगर इस पृथ्वी पर मानव जाति को बनाए रखना है ,तो इस्लाम के जहरीले दुष्प्रचार ,और जकारिया जैसे कुटिल लोगों का हर तरह से पूरी ताकत के साथ विरोध करना हम सबका परम कर्तव्य होना चाहिए . ........................ जय महाकाल !!!

बुधवार, मई 09, 2012

सुप्रीम कोर्ट ने हज-सब्सिडी को गैर-इस्लामिक बताते हुए समाप्त करने के निर्देश दिऐ


सुप्रीम कोर्ट ने हज-सब्सिडी को गैर-इस्लामिक बताते हुए समाप्त करने के निर्देश दिऐ
कुरआन के अनुसार सच्चे मुसलमान के लिए हज यात्रा केवल अपनी कमाई से प्राप्त धन से ही हलाल मानी जाती है.
पाकिस्तान ने भी हज सब्सिडी गैर इस्लामिक मानकर उसे उसे बंद कर दिया
किसी भी मुस्लिम देश में हज यात्रियों के लिए सरकारी सब्सिडी नहीं है
मुल्लो ने मुफ्त की सब्सिडी पर अब तक कोई फतवा क्यों नहीं दिया
यह शरियत की हिदायतों के खिलाफ है फिर भी कर रहे हो
तो फिर वन्देमातरम गाने में क्या हर्ज है
अयोध्या में मंदिर निर्माण में क्या परेशानी है

आज माननीय सुप्रीम कोर्ट ने हज-सब्सिडी को गैर-इस्लामिक बताते हुए समाप्त करने का केंद्र -सरकार को निर्देश दिया है. परन्तु तथाकथित सेकुलर जमात के कुछ पहरेदार और कुछ राजनैतिक-पार्टियां हज-सब्सिडी खत्म करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से गहरे-सन्निपात में हैं. कैसी विडम्बना है कि वंदे मातरम गाने में आपत्ति है क्योंकि वो इस्लाम विरुद्ध है पर इस्लाम विरुद्ध तरीके से हज पर जाने में आपत्ति नहीं है? क्या शर्मनाक नहीं है ये दोहरापन ?मैं पूछना चाहता हूँ कि बात- बात पर फतवे जारी करने वाले इतने सालों से मुफ्त की सब्सिडी पर क्यों कोई फतवा नहीं निकाल पाए? मेरा कहना है कि अमरनाथ और मानसरोवर यात्रा पर तो सरकार कोई भी सब्सिडी नहीं देती फिर भी प्रति वर्ष लाखों गरीब-भक्त इन दोनों स्थानों पर दर्शन करने जाते हैं| ऐसे में जो राजनैतिक-पार्टियां सुप्रीम कोर्ट द्वारा हज-सब्सिडी खत्म किये जाने का विरोध कर रही हैं दर-असल उन्हें हज से कोई लेना देना नहीं है बल्कि वो सिर्फ मुस्लिम-वोट हथियाने की राजनीति के चलते इस मुद्दे को हवा में उछाल रहे हैं.
कुरआन-ए-पाक में स्पष्ट उल्लेख है कि सच्चे मुसलमान के लिए हज यात्रा केवल अपनी कमाई में से या फिर निकट सम्बन्धी से प्राप्त धन राशि से ही हलाल मानी जाती है. इसीलिए किसी भी मुस्लिम देश में हज यात्रियों के लिए सरकारी सब्सिडी का प्रावधान नहीं है ,क्योंकि यह शरियत की हिदायतों के खिलाफ है.
जब सब्सिडी लेकर हज यात्रा की जा रही है इसका मतलब मुसलमान शरियत की हिदायतों का पालन नहीं कर रहा है और तो देशहित में बहुत बातों में सहयोग क्यों नहीं करते तो फिर वन्देमातरम गाने में क्या हर्ज है
अयोध्या में मंदिर निर्माण में क्या परेशानी है
भारत सरकार प्रतिवर्ष 600 करोड़ रुपये से ज्यादा हज सब्सिडी पर खर्च करती है जिसका फायदा लगभग 1.25 लाख हाजी हर वर्ष उठाते हैं। पिछले पांच वर्षो में भारत ने हज यात्रा पर करीब 2,891.71 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की है। गत-वर्ष भारत सरकार ने हज यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को एयर इंडिया की हवाई यात्रा में 38,800 रुपये प्रति श्रद्धालु की सब्सिडी दी थी। वैसे भी इस्लाम तो हज पे अपने धन से जाने की बात करता है, इसीलिए पाकिस्तान में न्यायालय ने सरकार को आदेश दिया था कि हज सब्सिडी गैर इस्लामिक है और पाकिस्तान ने उसे बंद कर दिया | दुनिया का कोई भी देश वर्तमान समय में हज-सब्सिडी नहीं देता है. इसलिए भारत में हज-सब्सिडी समाप्त करने का माननीय सुप्रीम कोर्ट का निर्णय निश्चित तौर पर स्वागत-योग्य है परन्तु यदि हज-सब्सिडी गैर-इस्लामिक है तो 10 वर्ष बाद सरकार को हज-सब्सिडी खत्म करने के निर्देश का कोई औचित्य समझ में नहीं आता . तत्काल हज-सब्सिडी समाप्त की जानी चाहिए.

जस्टिस आफताब आलम और रंजना प्रकाश देसाई की बेंच ने मंगलवार को यह आदेश जारी किया। बेंच ने हज यात्रा पर जाने वाले प्रधानमंत्री के शिष्टमंडल में प्रतिनिधियों की संख्या 30 से घटा कर दो करने के भी निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि वह हज कमेटी के कामकाज और हज यात्रियों की चयन प्रक्रिया की भी जांच करेगा। सुनवाई के दौरान केंद्र ने हज यात्रियों को सब्सिडी देने की नीति का बचाव किया।
उसने हलफनामा पेश कर कहा कि 'लोगों को जीवन में एक बार सब्सिडी देने के लिए दिशा-निर्देश तैयार किए गए हैं। इसके तहत उन आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्होंने कभी हज नहीं किया।'

क्या था मामला : सुप्रीम कोर्ट बॉम्बे हाईकोर्ट के एक फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार की अपील पर सुनवाई कर रहा था। दरअसल हर साल 11 हजार हज यात्री वीआईपी कोटा के तहत जाते हैं। हाईकोर्ट ने इनमें से 800 यात्रियों को प्राइवेट ऑपरेटर के जरिए भेजने के निर्देश दिए थे। इसके लिए विदेश मंत्रालय को निर्देशित किया गया था। केंद्र सरकार ने इस फैसले को ही सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

कब दी गई कितनी सब्सिडी

वर्ष आवेदन आए हज पर गए सब्सिडी

2009 3,57,388 1,20,131 690 करोड़ रु.

2010 3,00,680 1,26,191 600 करोड़ रु. 2011 3,02,616 1,25,051 605 करोड़ रु.

खेल हवाई टिकट का : भारत से हर साल हज कमेटी की ओर से सवा लाख लोग हज करने जाते हैं। इन्हें हज सब्सिडी मिलती है। करीब 50 हजार लोग निजी ऑपरेटर के जरिये हज को जाते हैं। इन्हें सब्सिडी नहीं मिलती। लेकिन दोनों के खर्च में कोई खास फर्क नहीं होता। दोनों ही में हज यात्रा करने पर प्रति व्यक्ति 95 हजार से लेकर 1.5 लाख रुपये तक खर्च आता है। क्योंकि हज कमेटी सिर्फ एयर इंडिया की चार्टर्ड फ्लाइट बुक करती है। फ्लाइट काफी महंगी पड़ती है, जबकि निजी एयरलाइन से जाना सस्ता पड़ता है

सोमवार, मई 07, 2012

जब उमा भारती ने पाल दिनाकरन का मसला उठाया तब नीच और कमीना चैनेल स्टार न्यूज़ के दर्द क्यों होने लगा ..

अब पूरे देश को पता चला कि जब उमा भारती ने पाल दिनाकरन का मसला उठाया तब नीच और कमीना चैनेल स्टार न्यूज़ के दर्द क्यों होने लगा ..

मित्रों, जब सबसे पहले उमा भारती जी ने इस देश मे पाल दिनाकरन के मामले पर बहस छेड़ी तब भारत मे सिर्फ दो लोगो के े दर्द उठने लगा जैसे कोई गुंटूर की तीखी लाल मिर्च पिस कर सरसों के तेल मे मिलाकर इनके पिछवाड़े घुसेड़ दिया गया हो ..

१- केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय

२- स्टार न्यूज़

अब पूरी कहानी जानिए ..

असल मे सुबोधकांत सहाय मंत्री बनना चाहते थे लेकिन उनको पता था की सोनिया के दरबार मे सिर्फ हिंदू विरोधी लोग ही सफल होते है .. जैसे अम्बिका सोनी और दिग्विजय सिंह ये दोनों ने ईसाइयत कुबूल कर लिया है ..

फिर उन्होंने पाल दिनाकरन से सम्पर्क किया .. पाल दिनाकरन पोप का बहुत खास आदमी है और पोप इसके कामो से बहुत खुश है क्योकि एक तो इसने हर साल पूरे एशिया मे करीब तीन करोड लोगो को ईसाई बनाता है और दूसरा ये अपनी कृपा की कमाई मे से पोप को चंदा भेजता है ..

फिर इसके सिपारिश पर पोप ने सोनिया गाँधी से सुबोधकान्त सहाय को मंत्री बनाने का आदेश दिया और पोप के ईशारे पर सोनिया ने तुरंत ही सुबोधकांत सहाय को मंत्री बना दिया ..

फिर इसके बाद दिनाकरन और सुबोधकांत मिलकर एक वीडियो बनाते है जिसमे दिनाकरन सुबोधकांत को मंत्री बनाये जाने के लिए प्रार्थना कर रहा है .. जबकि ये विडियो सुबोधकांत के मंत्री बन जाने के बाद शूट हुआ ..

जब उमाभारती जी ने पाल दिनाकरन का मामला उठाया तो सबसे गंदा और चौकाने वाला रिएक्शन सुबोधकांत सहाय का था जैसे हम किसी कुत्ते के दूम पर जूता पहनकर खड़े हो जाये या किसी कुत्ते की पूछ उठाकर वहाँ पेट्रोल लगा दिया जाए ..

आजतक ने आज उस वीडियो का खुलासा किया और साफ साफ कहा की क्या इसीलिए सुबोधकांत सहाय उमा भारती से चिढ़ गए थे ?

मित्रों स्टार न्यूज़ का भारत का मुख्य कर्ता धर्ता शाजी जमां नामक एक कट्टर सुन्नी मुस्लिम है . जो इस चैनेल का मुख्य सम्पादक के साथ साथ कोंटेंट हेड भी है .. स्टार ग्रुप एक कट्टर ईसाई रूपर्ट मर्डोक का है और स्टार ग्रुप ईसाईयों की बहुत सी संस्थायो को दान देता है . वाईएमसीए की अधिकारिक वेबसाइट के अनुसार स्टार ग्रुप ने पिछले साल कुल तीन करोड डॉलर ईसाई संस्था वाईएमसीए को दान दिया |

फिर उमा भारती के बयान के बाद पोप से लेकर भारत मे सोनिया गाँधी सब हरकत मे आ गए . और आनन् फानन मे दो तीन चनेलो को उमा भारती की के बयान को गलत तरीके से दिखाने की सुपारी दे दी गयी ..

लेकिनछात्र जीवन मे आरएसएस के स्वंयसेवक रहे इंडिया टीवी के रजत शर्मा ने पाल बाबा दिनाकरन की बखिया उधेड़नी शुरू कर दी और फिर टीआरपी के खेल मे दूसरे चैनेल आजतक भी कूद पड़ा फिर जाकर लोगो को पर्दे के पीछे इस नीच पोर्नग्रेस का खेल का पता चला

मित्रों उस वीडियो को जब कई चनेलो ने दिखया तब सुबोधकांत सहाय के ईशारे पर पाल दिनाकरन ने अपनी साईट से उस वीडियो को हटा लिया ..लेकिन कुछ मीडिया वालो के पास वो वीडियो है
Courtesy- Jitendra Pratap Singh

सुना है इन्सान के दुःख दर्द का इलाज मिला है क्या बुरा है अगर ये अफ़वाह उड़ा दी जाए


यह द्रश्य देखकर शायद आपको अचम्भा हो लेकिन यह शहर के उस स्थान का है जहाँ से बरेली शहर के अधिकारीयों एवं नेताओ का गुजरना आम है।

जनता के हक की लड़ाई लड़ने के नाम पर वोट लेकर संसद मे पहुचने वाले नेता बेईमान साबित हो रहे है।
पहले राजनीती समाजसेवा के लिए की जाती थी अब तो नेता बाकायदा अपना व्यवसाय बताने लगे है... एक नहीं सेकड़ों एन जी ओ ऐसी है जो गरीबों के उदहार के नाम पर अनुदान लेकर अपनी जेबे गरम कर रही हैं।

गरीबों को कितना लाभ मिल रहा द्रश्य स्पष्ट कर रहा है। यह बात अब दूर तलक जरूर जाएगी क्योकि सब अपना अपना पेट भरने में लगे हुए हैं आम जनता से किसी को नहीं है सरोकार।


इन्सान को इन्सान के साथ खाना देखना कोई आम बात नहीं है लेकिन पेट की आग बुझाने के लिए बचा खाना सड़क पर डाला गया हो गरीब उठा कर खाने लगे ... इसी बीच गो माता आ जाएँ और वो भी खाने का लुफ्त उठाने लगे .... इन्सान तो इन्सान को ही भूलता जा रहा है लेकिन बेजुवान जानवर कितने समझदार हैं....जिसे इस इन्सान की पेट की आग देखकर तरस आ गया और दोनों साथ साथ खाने लगे।


हमारे देश मे ये बिडम्बना है एक आदमी महीने भर में बमुश्किल ३००० रूपये ही कमा पाता है वही दूसरा आदमी तीन लाख रुपये वेतन ले रहा है और साथ में बिभिन्न सुबिधाओं का आनंद भी उठा रहा है फिर भी करोड़ों के घोटाले कर रहा है लेकिन अभी भी भूखा है..... इसीलिए गरीबों की परवाह किये बगैर सिर्फ अपने लिए सोचता है_________


"हर सेकेंड भूख से एक व्यक्ति की मौत हो जाती है.
यानी हर घंटे 3600 लोगों की मौत भूख से होती है.
यानी 86400 लोगों की मौत भूख से होती है.
यानी हर साल 3,15,3600 लोगों की मौत भूख से होती है.
यानी 58 प्रतिशत मौते भूख की वजह से होती है_______"




सुना है इन्सान के दुःख दर्द का इलाज मिला है
क्या बुरा है अगर ये अफ़वाह उड़ा दी जाए

किसी ने सच ही कहा है-

वो भूख से मरा था,फ़ुटपाथ पे पड़ा था
चादर उठा के देखा तो पेट पे लिखा था
सारे जहां से अच्छा,सारे जहां से अच्छा
हिन्दुस्तां हमारा,हिन्दुस्त ां हमारा

भूख लगे तो चाँद भी रोटी नज़र आता है
आगे है ज़माना फिर भी भूख पीछे पीछे
सारी दुनिया की बातें दो रोटियों के नीचे

किसी ने सच ही कहा ...

माँ पत्थर उबालती रही कड़ाही में रात भर
बच्चे फ़रेब खा कर चटाई पर सो गए
चमड़े की झोपड़िया में आग लगी भैया
बरखा न बुझाए बुझाए रुपैया

किसी ने सच ही कहा ...

वो आदमी नहीं मुक़म्मल बयां है
माथे पे उसके चोट का गहरा निशां है

इक दिन मिला था मुझको चिथड़ों में वो
मैने जो पूछा नाम कहा हिन्दुस्तान है हिन्दुस्तान है

कुछ लोग दुनिया में नसीब लेके आते हैं
बाकी बस आते हैं और यूं ही चले जाते हैं
जाने कब आते हैं और जाने कब जाते हैं

किसी ने सच ही कहा ...

ये बस्ती उन लोगों की बस्ती है
जहां हर गरीब की हस्ती एक एक साँस लेने को तरसती है
इन ऊँची इमारतों में घिर गया आशियाना मेरा
ये अमीर मेरे हिस्से का सूरज भी खा गए

भूख लगे तो चाँद ..........

किसी ने सच ही कहा______

सेनाध्यक्ष ने बिलकुल सही कहा था की सेना के पास गोला बारूद से लेकर लड़ाई की सभी चीजे खत्म हो चुकी है ...

सेनाध्यक्ष ने बिलकुल सही कहा था की सेना के पास गोला बारूद से लेकर लड़ाई की सभी चीजे खत्म हो चुकी है ...

मित्रों, जब सेनाप्रमुख ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था की सेना के पास हथियारों, गोला बारूद आदि की कमी है और सेना के पास लड़ाई के लिए दो दिन का भी स्टॉक नही है , तब कांग्रेस के कई सीडी छाप नेताओ ने सेनाप्रमुख को गलत ठहराने ले लग गए थे ..

लेकिन आज संसद की रक्षा मामलो की स्टेंडिंग कमेटी जिसके मुखिया कांग्रेसी है और जिसमे पाँच सदस्य कांग्रेस के है उसने भी अपनी रिपोर्ट मे कहा है की सेना के पास सिर्फ दो दिन की लड़ाई का सामान है और वायुसेना के पास हेलिकोप्टर और विमानों की भयंकर कमी है ..

मित्रों, ये नीच कांग्रेस के लिए देश का मतलब सिर्फ नकली गाँधी खानदान है और कांग्रेस अब इसी नकली गांधियो की ही रक्षा को देश की रक्षा समझती है .. बाकी देश गया भाड मे...

मीडिया को भी भोंदू युवराज को दिखाने का समय मिलता है बाड़ी देश जाए भाड़ में , राहुल गधे ने किया यू पी की हार का पोस्टमार्टम वगेरह वगेरह, अरे मूर्खों कभी ये भी दिखा दिया करो की राहुल भोंदू ने काले धन पर बात की , राहुल गधे ने सेना में हो रहे भ्रष्टाचार और दलाली पर दुःख व्यक्त किया देश को खतरे में बताया , या कभी चीन पाकिस्तान पर कोई बयान दिया हो ???

बस नकली नौटंकी करता रहता है और भारत की दलाल , भाण्ड मीडिया भी उसे ही दिखाती है ...

जागो भारतीयों जागो ...वो तो जनरल वी के सिंह जी हैं जिनकी वजह से इतने सारे खुलासे हो गए इस भ्रष्ट सरकार के बारे नहीं तो कोई रसोइपति जैसे सेनाध्यक्ष होते तो शायद हमें इस सच्चाई के बारे में भी नहीं पता चलता ....

अब सोचिये जरा इस भ्रष्ट तंत्र को स्वस्थ बनाने के बारे में की कैसे और क्या भूमिका अदा करके हम अपने भारत को इस भ्रष्ट कांग्रेस/काले अंग्रेजों के राज से बचा सकते हैं ...

हिन्दू अश्त्र-शस्त्र क्यूँ ना उठाये ?


इस लेख को पढने के बाद कोई मुझे ये बताये की हिन्दू अश्त्र-शस्त्र क्यूँ ना उठाये ? अगर तथाकथित बुद्धिजीवियों, सिकुलर और हिन्दू विरोधीयो की भाषा में कहू तो हिन्दू आतंकवादी/भगवा आतंकवादी क्यूँ ना बने ?

* रामायण एक काल्पनिक कहानी है - पंडित जवाहरलाल नेहरू और गवर्नर जनरल राजाजी
* रामायण और महाभारत मात्र कहानी है - तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री सी. राजगोपालाचारी
* राम मात्र एक काल्पनिक पात्र था - तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि
* राम पियक्कड़ था - तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि
* कौन था यह राम? किस इंजीनियरिंग कॉलेज से उन्होंने पढ़ाई की थी? और क्या इसका कोई प्रमाण है? - तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि
* हिमालय और गंगा जितना बड़ा सत्य हैं , राम का चरित्र उतना ही झूठा है - तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि
* भगवान राम इस देश मे पैदा ही नहीं हुए थे और रामायण काल्पनिक है , इस धरती पर राम का कभी कोई अस्तिव रहा ही नहीं है - कांग्रेस की केन्द्र सरकार का सुप्रीम कोर्ट मे हलफनामा
* भारत माता और देवी देवताओ के नग्न चित्र बनाये - दुष्ट एम् एफ हुसैन
* अमरनाथ यात्रा पाखंड है - अग्निवेश
* हिन्दुओं के आराध्य देवों ब्रह्मा, विष्णु, महेश का उपहास उड़ाया - भांड कुमार विश्वास
* शिव, कृष्ण और दुर्गादेवी का असभ्य और फूहड़ वर्णन किया गया - इग्नू के पाठ्यक्रम में
* भारत माता डायन है - आजम खान, समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता एवं कैबिनेट मंत्री
* भारत माता डायन है - तस्लीमुद्दीन ओवैसी
* कृष्ण के अस्तित्व पर प्रश्न उठाये जाते है.
* मंदिरों में घंटी बजने पर रोक लगायी जाती है.
* केरल मे कोई रिक्शा चालक अपने वाहन पर श्री कृष्ण या जय हनुमान नहीं लिख सकता.
* "सरस्वती वन्दना" को साम्प्रदायिक कहा जाता है.
* "वन्दे मातरम" को सांप्रदायिक कहा जाता है.
* "भारत माता की जय" को सांप्रदायिक कहा जाता है.
* "जय श्री राम" के उदघोष को सांप्रदायिक कहा जाता है.
अब कोई भारत माता को फूहड़ गीत लिख कर अपमानित कर रहा है - दिबाकर बनर्जी

अब भी जिसका खून ना खौला, खून नहीं वो पानी है !!
जो अपनी मात्रभूमि, स्वाभिमान और गरिमा के लिए ना लड़ा..वो बेकार जवानी है !!

इसे पढने के बाद जो पीड़ा और क्रोध आपके मन में उत्पन्न हुआ होगा ऐसा ही मेरे साथ भी हुआ. मैं अपने अंतर्मन और दृदय में दबी वेदना और पीड़ा को इस अमूल्य गीत के माध्यम से व्यक्त करना चाहता हु ..............

उठो जवान देश की वसुंधरा पुकारती
देश है पुकारता पुकारती माँ भारती
रगों में तेरे बह रहा है खून राम श्याम का
जगदगुरु गोविंद और राजपूती शान का
तू चल पड़ा तो चल पड़ेगी साथ तेरे भारती
देश है पुकारता पुकारती माँ भारती ||
उठा खडग बढा कदम कदम कदम बढाए जा
कदम कदम पे दुश्मनो के धड़ से सर उड़ाए जा
उठेगा विश्व हांथ जोड़ करने तेरी आरती
देश है पुकारता पुकारती माँ भारती ||
तोड़कर ध्ररा को फोड़ आसमाँ की कालिमा
जगा दे सुप्रभात को फैला दे अपनी लालिमा
तेरी शुभ कीर्ति विश्व संकटों को तारती
देश है पुकारता पुकारती माँ भारती ||
है शत्रु दनदना रहा चहूँ दिशा में देश की
पता बता रही हमें किरण किरण दिनेश की
ओ चक्रवती विश्वविजयी मात्र-भू निहारती
देश है पुकारता पुकरती माँ भारती ||

|| जय भारत || || जय माँ भारती ||