सोमवार, जून 25, 2018

इस हद तक पतन हो चुका है भिम सेवको का

एक ब्राह्मण-विरोधी बुजुर्ग अपने पड़ोसी # रशीद_खान को साथ बैठा के शराब पिलाता है... अपनी मासूम नतनी को चखना लाने का कहता है जब नतनी चखना ले के आती है तब रशीद खान की नजर उस मासूम कन्या पर पड़ती है... वो मासूम इस बात से अनजान बेखबर कि नाना जी के साथ बैठा अंकल आदमी नही मलेक्ष है जो कुछ देर बाद अपनी हवस बुझा के उसको मौत के घाट उतार देगा... मध्यरात्रि को जब मासूम के नाना को नींद आती है तब हवशी दरिंदा घर मे घुसकर उस मासूम को मुंह दबा कर उठा के ले जाता है और दुष्कर्म करने का प्रयास करता है, मासूम के चिल्लाने पर उसे गला घोंट कर मार देता है और फिर बलात्कार करता है... सोचने वाली बात है आज इस घटनाक्रम का पता पूरे राज्य पूरे देश को पता चल गया है, समाचार पत्र के मुख्यपृष्ठ पर बड़ी सी खबर छपी हुई है जिसके साथ दुष्कर्म हुआ वो # दलित कन्या थी जो चार दिन पहले ननिहाल आई थी..! ----ये था खबर का वो पहलु जो अखबारों ने छापा । असल कहानी ये थी ------ लड़की के भीमवादी नाना को हराम का खाने-पीने की आदत थी । उस दिन भी वो शराब रशीद खान ले कर आया था । क़र्ज़ काफी बढ़ चूका था , रशीद खान ने क़र्ज़ के पैसे मांगे । तो नाना ने नवासी की तरफ तिरछी नज़र से इशारा किया और टुन्न होने की एक्टिंग करते हुए , उससे नज़र फेर के लुढक गया । ये सिग्नल था रशीद खान के लिए , वो बच्ची को नोच रहा था और नाना हर चीख के साथ ये हिसाब लगा रहा था की कितना क़र्ज़ चुकता हुआ ? दलित-मुस्लिम सभी रेपकांडो में यही होता है ।
और भीम सेवक इतना होते हुए भी समझौता कर लेते हैं।
एक बुजुर्ग अपने पड़ोसी #रशीद_खान को साथ बैठा के शराब पिलाता है... अपनी मासूम नतनी को चखना लाने का कहता है जब नतनी चखना ले के आती है तब रशीद खान की नजर उस मासूम कन्या पर पड़ती है... वो मासूम इस बात से अनजान बेखबर कि नाना जी के साथ बैठा अंकल आदमी नही मलेक्ष है जो कुछ देर बाद अपनी हवस बुझा के उसको मौत के घाट उतार देगा... मध्यरात्रि को जब मासूम के नाना को नींद आती है तब हवशी दरिंदा घर मे घुसकर उस मासूम को मुंह दबा कर उठा के ले जाता है और दुष्कर्म करने का प्रयास करता है, मासूम के चिल्लाने पर उसे गला घोंट कर मार देता है और फिर बलात्कार करता है... सोचने वाली बात है आज इस घटनाक्रम का पता पूरे राज्य पूरे देश को पता चल गया है, समाचार पत्र के मुख्यपृष्ठ पर बड़ी सी खबर छपी हुई है जिसके साथ दुष्कर्म हुआ वो #दलित कन्या थी जो चार दिन पहले ननिहाल आई थी..! आसिफा को जस्टिस दिलाने की बात करने वाले, उसके फोटो की Dp लगाने, वाले जय भीम के साथ जय मीम का नारा बुलंद करने वाले सनातन धर्म प्रतीकों का अपमान करने वाले... अनाप शनाप गालियां बकने वाले दलित ठेकेदार अब कहां है?? अब क्यों वो इस मासूम कन्या के लिए उसके परिवार के न्याय के लिए आगे नहीं आ रहे?? जयभीम जय मीम के ठेकेदार बताए की दलित मासूम के साथ दरिंदगी कर के हत्या करने वाला दरिंदा कौन था..?? #डेल्टा_हत्याकांड_के_समय राहुल गांधी तक बाड़मेर आए थे वो भी एक दलित कन्या थी लेकिन इस मासूम के लिए राहुल गाँधी को तो छोड़िए क्षेत्रीय नेता तक के मुह से संवेदना भरे शब्द सुनने को नही मिल रहे... #धन्य हो तुम लोग जिनको सिर्फ सवर्णों और Obc में दुश्मन दिखता है लेकिन ऐसी घटनाओं पर जब मुस्लिम मुजरिम होता है तो हलक से एक शब्द तक नहीं निकलता... याद रखिए पेड़ की मजबूती उनकी जड़ों से होती है जो पेड़ जड़ों से कट गया उनको शाखाएं कभी नहीं बचा सकती..! #एक रहिए नेक रहिए मासूम के लिए न्याय मांगिए जय भीम जय मीम वाले फर्जी लोगों से बचिए...! #अगर आपको लगता है कि आसिफा और इस मासूम की जान की कीमत अलग अलग थी तो सो जाइए ठंढा पानी पीकर कल को कोई और दरिंदा किसी कन्या को शिकार बना देगा तब रोते रहना न्याय की भीख मांगते रहना...!! जय राम जी की............ #JusticeForMenka

सोमवार, जून 18, 2018

धर्म रक्षण सेवा राशि

*धर्म रक्षण सेवा राशि*
बिसाहड़ा-दादरी के अख़लाक़ के वध में अखिलेश यादव, आज़म ख़ाँ की सरकार के फँसाये हुए 18 निरपराध तरुण, मुज़फ़्फ़रनगर के इस्लामी दंगों के मुक़दमों में फँसाये गए सैकड़ों धर्मबंधु, बल्लभगढ़ के नरेश इत्यादि, रामगढ़-राँची के गौहत्यारों को रोकने के प्रयास में आजीवन कारावास से दंडित 12 वीर, मैहर में गौहत्या रोकने के समय आरोप में गिरफ़्तार 4 अत्यंत निर्धन गोंड वनवासी ..... गिनते जाइये मगर यह अनंत कथा चलती रहेगी।
धर्म के अनुरूप हम सब अपनी क्षमता से जीते हैं और धर्म का अपमान कोई करता है तो कभी-कभी समाज का पौरुष क्रोध बन कर अभिव्यक्त हो जाता है। ऐसे लगभग प्रत्येक अवसर पर यह देखने में आता है कि पौरुष व्यक्त करने वाले वीर राज्य, प्रशासन की प्रताणना झेलने के लिये अकेले पड़ जाते हैं। बरसों थाना, कचहरी के चक्कर लगाते हैं, जेल में एड़ियां रगड़ते हैं और इनका परिवार इनके पराक्रम की चपेट में बुरी तरह पिसता है। धर्म तथा राष्ट्र के लिये पौरुष व्यक्त करने वाला वीर बच्चे की फ़ीस, बीबी की रोटी, मकान का किराये के लिये जेल में रहते हुए असहाय सिसकता है।
सोशल मीडिया के कारण एक बड़ा परिवर्तन आया है कि समाज में राष्ट्र और धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। आप लिखते, बोलते, शेयर करते हैं। आपके कहे, लिखे, शेयर किये लेखों को लोग गंभीरता से लेते हैं। कृपया सोचिये कि क्या इतना पर्याप्त है ? सामान्य राष्ट्रवादी, समाज के लोग सोचते हैं कि राष्ट्र-धर्म की समस्याओं राज्य, राजनैतिक सत्ता करे। देश के पास थल सेना, नौ सेना, वायु सेना, पुलिस, BSF, CRPF, ITBP इत्यादि सभी बल मिला कर कुल सँख्या 20 लाख भी नहीं है और अराष्ट्रीय देशविरोधियों की संख्या 20 करोड़ से अधिक है। राज्य के बूते यह संघर्ष संभव ही नहीं है। यह गली-मुहल्लों का संघर्ष है और इससे समाज को, राष्ट्रवादियों को ही जूझना है। अब एक प्रश्न स्वयं से पूछिए। जब तक समाज अपने वीरों के साथ खड़ा नहीं होगा, क्या वीरता का प्रसार हो पायेगा ? बिना वीरता के राष्ट्र और धर्म की समस्याओं का समाधान हो सकता है ?
क्या हमारा कर्तव्य नहीं है कि पौरुष व्यक्त करने वाले वीरों को निराश न होने दें ? इनके परिवारों की न्यूनतम चिंता करें ? मेरा प्रस्ताव है कि समाज इन्हें प्रति वीर 1 लाख रुपया तुरन्तता से दे। ऐसे हर वीर के पीड़ित परिवार तक हम पहुँचेंगे मगर यह तब ही संभव है जब आप सब साथ आयें। इन पीड़ित वीरों की सेवा में हाथ बंटाइए। सहयोग के साथ कृपया ऐसी किसी भी घटना के समय विवरण से सूचित भी करें शर्त यही है कि वीरता अभिव्यक्त हुई हो। तनिक भी मन में मत लाइयेगा कि इस कार्य में सफलता नहीं मिल सकती। दो वर्ष पहले बिसाहड़ा-दादरी के निर्दोष तरुणों के लिये आप सब ही ने लगभग एक माह में उन्नीस लाख चौंसठ हज़ार रुपये संकलित करके दिये थे। इस समय की तात्कालिक आवश्यकता तो 17 लाख से कम की ही है जिसमें अभी तक अट्ठानवे हज़ार और पांच रुपये नक़द आ चुके हैं। जिसमें खाता खोलने के समय जमा कराये गए 5,000 घटाने पर तिरानवे हज़ार और पाँच रुपये मेरे पास हैं।
स्वभाविक है कि आप सब इस पोस्ट को शेयर करेंगे। निवेदन है कि ऐसा कृपया अपने योगदान संकल्प करने के बाद ही करें। इस हेतु अपनी वार्षिक आय का 1% या किसी भी माह की आय का केवल 10% देना पर्याप्त होगा। यह राष्ट्र के लिये ज़कात का राष्ट्रवादी रूप रहेगा। आश्वस्त रहें इसमें दिये गये योगदान का एक-एक पैसा राष्ट्र, धर्म के कार्य में पूरी ईमानदारी से लगेगा। इसका कोई चैक कभी भी सैल्फ़ का नहीं कटेगा। सारा पेमेंट पारदर्शी होगा। सारा हिसाब प्रामाणिक होगा और कई गम्भीर व्यक्तियों की दृष्टि में होगा फिर भी आप या कोई भी धर्म बंधु भी कभी भी हिसाब देखने-जाँचने के लिये पधार सकते हैं। अभी हम लोग आर्थिक सेवा करने के प्रयास में हैं अगर राष्ट्र ने पर्याप्त यशस्वी किया तो पूरी न्यायिक व्यवस्था खड़ी करने का संकल्प है।
बिसाहड़ा के 18 पीड़ित तरुणों की सेवा के संकलन के समय कई मित्रों ने नाम का उल्लेख करने से विरोध किया था अतः उनका आग्रह सिर-माथे रखते हैं। नक़द प्राप्त राशि, नगर और दिनाँक पोस्ट करेंगे। इससे कोई भी अपनी दी हुई राशि की स्थिति चैक कर पाएंगे। यह आग्रह है कि इस बार राशि अधिकतम बैंक में पहुंचे। 10 हज़ार या उससे अधिक धर्म रक्षण सेवा करने वाले बंधु कृपया अपना पैन नंबर उपलब्ध कराइयेगा। अपने मित्रों, सम्बन्धियों को भी प्रेरित कीजिये। आइये राष्ट्र, धर्म के प्रति अपने दायित्व का पालन किया जाए।
तुफ़ैल चतुर्वेदी
न्याय मंच का अकाउंट विवरण इस प्रकार है।
खाते का नाम:- न्याय मंच { NYAY MUNCH }
खाता नंबर:- 4660000100035832
IFSC CODE:- PUNB0466000 { PUNB के बाद ज़ीरो है }
पंजाब नेशनल बैंक, सैक्टर-12, नॉएडा

मेरा नाम नदीम है और ये रहा मेरा मोबाईल नंबर और पता. खुल कर बोलता हूँ कि गोली मरूंगा मोदी को

"मेरा नाम नदीम है और ये रहा मेरा मोबाईल नंबर और पता. खुल कर बोलता हूँ कि गोली मरूंगा मोदी को,
जिस में दम हो वो रोक ले".. चुनौती से सनसनी
हामिद अंसारी ने कुछ दिन पहले कहा था की भारत के मुसलमान डरे और सहमे हुए हैं और उसी के साथ एक बार फिर से हल्ला मचा था असहिष्णुता का ..
लेकिन ये जो घटना हुई है उसने हिला कर रख दिया है राष्ट्र को .
मामला गाजियाबाद का है और ये वही गाजियाबाद है जहाँ कुछ दिन पहले विक्रम एंक्लेव सब स्टेशन पर बिजली विभाग में संविदा पर कार्य करने वाले नाम के चरमपंथी विचारधारा के तौफीक द्वारा साहिबाबाद थानेके एक सब इंस्पेक्टर भरत सिंह परिहार पर हमला कर के उनकी वर्दी को फाड़ किया जाता है और उन्हें ही जान सेमार देने की धमकी दी जाती है ..
एक बार फिर से उसी गाजियाबाद में हुआ है एक ऐसा दुस्ससाहस जिसने हिला कर रख दिया देश के सहिष्णु समाज को और सतर्क कर दियाहै देश की सभी एजेंसियों को ...
ज्ञात हो की ये दुस्शाहस हुआ है भारत की राजधानी नई दिल्ली से सटे और एनसीआर कहे जाने वाले जिला गाजियाबाद में जहां के रहने वाले नदीम नाम के एक चरमपंथी ने सोशल मीडिया के फेसबुक प्लेटफार्म पर भरत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को सार्वजानिक रूप से गोली मारने की धमकी दी है.
इस मामले को भारतीय जनता पार्टी के लोनी के विधायक श्री नंदकिशोर गुर्जर की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है और उसकी तलाश शुरू कर दी गयी है .. अब तक मिली जानकारी के अनुसार नदीम ने भाजपा के विधायक नंदकिशोर गुर्जर के एक फेसबुक पोस्ट पर की गई टिप्पणी में यह दुस्साहसिक धमकी दी है....
नदीम खान नाम के किसी शख्स ने बीजेपी नेता के फेसबुक पोस्ट पर प्रधानमंत्री को जान से मारने की धमकी दी है.
इतना ही नहीं आरोपी नदीम खान ने अपनी अगली टिप्पणी में 'पाकिस्तान जिंदाबाद' भी लिखा है....
उसने एक और टिप्पणी की है, जिसमें अपना मोबाइल नंबर शेयर किया है और लिखा है कि वह किसी से नहीं डरता. नंदकिशोर गुर्जर ने बीते गुरुवार को अपने फेसबुक पेज पर सुबह 9:10 बजे साइकिल चलाते हुए अपनी दो तस्वीरें और दो वीडियो पोस्ट किए हैं. ...
उन्हें इन तस्वीरों के साथ सिर्फ 'गुड मॉर्निंग' भर लिखा है.
इसी पोस्ट पर आरोपी नदीम खान ने धमकी भरी टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री को गोली मारने की बात लिखी है.
नदीम खान लिखता है, 'पाकिस्तान जिंदाबाद. जब चाहे मिल लेना,
डरता नहीं हूं किसी से.
किसी से पूछ भी लेना चाहे. अशोक विहार में रहता हूं.'
पूरे चार वर्ष हमारे परम आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी जी सिर्फ मुल्लों की अगुवाई किए और इस अगुवाई का नतीजा सैकड़ो उपचुनाव की हार रही है ।
अब भी हमारे भाजपा के नेतागण इन मुल्ले की अगुवाई का त्याग नही कर रहे है ।
तभी हमारे सैनिक , हम जनता और अब स्वयम मोदी जी को खुल्लमखुल्ला जान से मारने की धमकी दे डाली गई ?
भाजपा के सभी गणमान्य सदस्यगण वो पदाधिकारी अब भी वही बात बोले आप सब की ये नदिम नादन वो भटके हुए नोजवान है ?
जब हमारे सैनिकों को पत्थर बाजो द्वारा घायल किया जाता है तो ऐसे ही शब्दों जा प्रयोग आप सभी सेक्युलर नेतागण करते हैं ?
देख लीजिये आप सब कांग्रेस से भी ज्यादा गिर चुके है तभी तो आपके इतने जबरदस्त प्रयास के बाद भी इन मुल्लों ने आपको अपनाया तक नही ?
ऐसे समय मे हिंदू कही आपका और आपकी पार्टी का त्याग ना कर दे
लोटिये हिंदुत्व पर , हम हिन्दू ही आपके अपने है , एक कलाम का जाप कब तक करेंगे ?
पूरा इश्लाम धर्म ही आतंक है ?
आपको 2019 में हिंदू वोट ही जिताएगी
जागो हिंदू जागो
मुल्लों का बहिष्कार करो कोई भी कट्टर हिन्दू मुल्लों की मित्रता स्वीकार ना करे मैं करबध निवेदन करता हूं ।।

रविवार, जून 17, 2018

बाज़ारू इंडस्ट्री और न्यू वर्ल्ड आर्डर

# पोर्न_industry
ये victorians ने शुरू किया था.... हां वो ही राजपरिवार वाले... बाद में पूरी दुनिया को brothels + strip club दे दिये. - - - भारत में अंग्रेजो ने ही sonagachi - Bengal (Asia's second largest red light) बसाया था.
... दुनिया का 85% Internet porn Chatsworth, callifornia से आता है... ये Illuminati के weaponless war के मुख्य हथियारों में से है....
... समाज को Free porn उपलब्ध करा कर एक तीर से कई शिकार हो रहे हैं. आखिर ये Free कयो है? और attractive कैसे बनाया गया है? दरअसल, system को यौन-चकाचौंध से भरा गया है.. ये Industry जितनी मजेदार लगती है उतनी है नही. दूर के ढोल सुहावने होते हैं. यकीन करने के लिए pink cross foundation की chief " Shelly lubben" से पूछ लें....
... किसी भी देश को तोडने के लिये उसको बस नग्नता दे दो. फिर वहां का youth अपने बाप की भी नही सुनेगा...
... बाकी का काम मैकाले ब्रांड सिस्टम ने कर ही दिया है... अब गांजा + Marijuana + alcohol से youth बोर हो गया तो धंधा बैठ जायेगा. फिर क्या, drugs + free porn = non curable addiction वाला principle अपनाया...
... Hollywood के बाद bollywood सबसे बडा अड्डा है porn industry का. सबसे ज्यादा "drug-usage" porn industry मे होती है. सब interconnected हैं. Drug dealing = human trafficking या ये कहें कि कि दोनो एक दूसरे के पूरक. बिना नशे के porn movie बनती नही. American companies के condom को बिकवाने में बॉलिवुड का बहुत बड़ा योगदान है...
... दरअसल, Bollywood में Theory of relativity of time लग गया. मतलब कि जिस bollywood को 50-60s में घर घर जाकर भी कोई अभिनेत्री नही मिलती थी और 70-80s में kiss scene पर बवाल मच गया था, क्योंकि तब अभिनेत्रियों को बाजारू बोला जाता था, वो ही bollywood आज संभोग के scene बिना रोकटोक दिखाता है... मुंबई में Line लगी है मैकाले ब्रांड लडकियों की. Casting couch धडाधड होते हैं. जो जितना "compromise" करेगी उतनी बढिया movie-serial मिलेगा. लग गयी ना time-relativity Theory? समय समय की बात है.
... ईलू बाबा के Main principles में ये hypnotism type atmosphere भी है. जिससे -
1- भारत में नग्नता + rape % बढेगा. (जैसा ईलू ने
misconception फैलाया था अफ्रीका में कि sex
with virgins = aids curable.
2- drugs जो दिल्ली-मुंबई के अमीरजादे नोट जलाकर
सूंघते हैं, वो हर नुक्कड़ पर बिकेगा.
3- भयंकर सामाजिक पतन होगा.
4- ईलू का बनाया हुआ HIV-AIDS का graph बहुत
ऊपर जायेगा.
5- Aids की सालों से बन रही महंगी दवाइयों का यहां
use होगा और viagra तो normal बिकेगी kit Kat
की तरह.
6- जैसा कि पहले मैने बहुत बार कहा है war
(weapons) + virus (medicine) =
illuminati's economy.
8- मलेच्छों के झुंड में honey Singh और Sunny
Leon का नाम बहुत ऊपर है.
9- बालीवुडिया वेश्याओं की लौटरी लग गयी है ईलू बाबा
की किरपा से.
10- सस्ते मोबाइल + Free porn = conspiracy है
बहुत बडी.
मोदी ने झाडू तो उठा लिया लेकिन कुछ प्रतिशत ही साफ किए. साफ करना है तो देश से porn industry+ slaughter house को साफ करो, वह भी पूरी तरह से..
ये सडकें साफ करने से क्या देश चलेगा?.. लेकिन ये सफाई इनके "आका" नही होने देंगे....
दो साल पहले हमारे देश की चूतिया पब्लिक sex education के support में थी. जिसमें "आका" का शासन नही है जैसे North Korea में, वहां punishment "मौत" है porn देखने का, बनाना तो दूर की बात है. यहां भी कुछ चूतियो को Democracy चाहिये.
याद रखना,
Maclauy educational system + illuminati porn industry = biggest threat है भारत के भविष्य के लिए.
वंदेमातरम

बुधवार, जून 13, 2018

हिन्दू व्यवसाय की दुर्गति

मदन मोहन तिवारी
खान्ग्रेसियों और उसके पैसों से पैदा किए हुए नमाजवादियों दलितवादियों नेताओं ने हिन्दू नाई से कहा
ब्राह्मण जनसंख्या में इतने कम हैं
पर सबसे अधिक सत्ता के मजे
यही ले रहे हैं
तुमको सदियों सदियों तक नाई बनाकर रखना चाहते हैं
मत करो ये काम
बच्चों को तो पढ़ाओ लिखाओ
सरकारी नौकरी दिलवाओ
और सुनो
जाति प्रमाण पत्र बनवा लो
खान्ग्रेस तुमको OBC में जोड़ देगी
आरक्षण दे देगी
मौज करो
इन ब्राह्मणों पंडितों के चक्कर में मत फंसो
हिन्दू नाई ने
आरक्षण मिलेगा
सरकारी नौकरी मिलेगी
इसलिए दुकान बंद कर दी
शहर चला गया
अपना बड़ा सा घर छोड़ा
किराए पर एक कमरे में गुजारा किया
बच्चों को गली के अंग्रेजी स्कूल में डाला
जब बच्चे जॉनी जॉनी यस पापा गाते थे
हिन्दू नाई सोचता था
बच्चे कम से कम IAS तो कर ही जाएँगे
उसने एक फैक्ट्री में 7000 में गार्ड की नौकरी कर ली
जब जब खान्ग्रेसियों और नमाज़वादी नेताओं ने बुलाया
धरने प्रदर्शन आंदोलन में गया भी
सरकारी नौकरी कितने नाईयों लुहारों बढ़इयों धोबियों को मिल सकेगी
बेटे बेरोजगार घूमने लगे तो घर में झगड़ा बढ़ने लगा
जो भी हो
20 साल बीत गए
बच्चे अब भी बेरोजगार थे
हिन्दू नाई से रात को सेक्यूरिटी गार्ड की नौकरी होती नहीं थी
नींद लग जाती थी
नौकरी छूट गयी
हिन्दू नाई वापस गाँव लौट आया
उसने फिर से अपनी बाल काटने की दुकान खोलनी चाही
पास के कस्बे में जाकर देखा
20 साल पहले 2 सैलून थे
वो भी हिन्दू नाईयों के
अब उसी कस्बे में 50 सैलून खुल चुके थे
और सारे के सारे सैलून मियों के थे
हिन्दू नाई ने रोजगार छोड़ा
मियों ने कब्ज़ा कर लिया
हिन्दू बढ़ई ने अपना काम छोड़ा
मिएँ बढ़ई ने बाजार पर कब्जा कर लिया
हिन्दू लुहार ने अपना काम छोड़ा
मियों ने वेल्डिंग की दुकानें खोल कर पूरा बाजार कब्ज़ा लिया
हिन्दू धोबी ने सरकारी नौकरी के चक्कर में कपड़े धोने छोड़े
गाँव के घर घर से परिचय टूटा
नाते टूटे
मिएँ धोबी ड्राई क्लीन और जीन्स की रंगाई में छा गए
हिन्दू SC ने जूते बनाने छोड़ दिए
आज अरबों रुपए का चमड़े मांस चर्बी हड्डी और सारा का सारा जूता बाजार मियों के कब्जे में है
मिएँ OBC और SC/ST के पेट पर लात मार रहे हैं
पंडितों का काम पूजा पाठ है
पुरोहिताई है
ये काम मिएँ कभी नहीं करेंगे
लिख लो
आरक्षण और सरकारी नौकरी के लालच में कितने लोगों को रोजगार मिला
करोड़ों युवा मैकाले सिस्टम में फंसकर एक डिग्री लेकर सड़क पर घूम रहे हैं
हम हिन्दुओं के पारंपरिक रोजगार इतने बुरे थे क्या
सोचिए जरा..!!

हाई प्रोफाइल सन्त भय्यूजी महाराज की आत्महत्या का डरावना सच

Sudhanshu Tak
हाई प्रोफाइल सन्त की आत्महत्या का डरावना सच :-
दुनिया को आध्यात्म का ज्ञान देने वाले हाई प्रोफाइल आध्यात्मिक गुरु , अरबपति और बेहद रसूखदार भय्यू महाराज ने जिंदगी से हार मानते हुए कल मौत की चादर ओढ़ ली । भय्यू महाराज ने इंदौर के सिल्वर स्प्रिंग स्थित अपने निवास पर दाईं कनपटी पर गोली मार आत्महत्या कर ली । जी सही सुना आपने "आत्महत्या" । और इसके पीछे का डरावना सच जानेंगे तो आश्चर्य चकित रह जाएंगे।
पहले जानते है भय्यू महाराज के बारे में । मध्यप्रदेश के शुजालपुर के जमींदार परिवार से ताल्लुक रखने वाले भैय्यू महाराज ने अपना करियर मॉडलिंग से शुरू किया था । किसी जमाने में वे सियाराम सूटिंग के कपड़ों की मॉडलिंग करते थे । उनका असली नाम उदय सिंह देशमुख था। बाद में वे गृहस्थ सन्त बन गए।भैय्यू महाराज के भक्तों की लिस्ट में पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शिवसेना के उद्धव ठाकरे और मनसे के राज ठाकरे, आशा भोंसले, अनुराधा पौडवाल जैसे बड़े नाम शामिल रहे । भैय्यू महाराज तब ख़बरों में आए थे जब अन्ना हजारे अनशन पर बैठे थे और उन्होंने भैय्यू महाराज के हाथ से जूस पीकर अनशन तोड़ा था।नरेंद्र मोदी ने भी जब मुख्यमंत्री रहते सदभावना उपवास किया था, तब भी उन्होंने भय्यू महाराज के हाथों जूस पीकर अनशन समाप्त किया था । भय्यू महाराज की पहली पत्नी का नाम माधवी था जिनका पुणे में डेढ़ वर्ष पूर्व निधन हो गया था। माधवी से उनकी एक बेटी कुहू है, जो फिलहाल पुणे में पढ़ाई कर रही है। भय्यू महाराज ने गत वर्ष ही दूसरी शादी डॉक्टर आयुषी से की थी।
अब जानिए कि कैसे एक बेहद रसूखदार आदमी भी घर मे पत्नी के अत्याचार से पीड़ित हो सकता है। पीड़ित भी इतना कि आत्महत्या कर ले। तो भय्यूजी महाराज को पिछले साल संदेहास्पद परिस्थितियों में शिवपुरी निवासी पीएचडी धारी डॉ. आयुषी से शादी करनी पड़ी। बेहद खूबसूरत डॉ आयुषी ने शादी के कुछ ही दिनों में भय्यू महाराज के जीवन मे भूचाल ला दिया । पहली बार घर मे आते ही नवयौवना डॉ आयुषी ने सौतेली पुत्री से जोरदार झगड़ा किया । अंजाम यह हुआ कि भय्यू महाराज के पूजन स्थल से दीपक और सामान फेंक दिया गया ।
डॉ. आयुषी इस झगड़े से ज्यादा इस बात से दुखी हुई कि उनके पति ने उनका साथ नहीं दिया। इसके बाद घर मे रोजाना बवाल होने लगे।जब जब महाराज की बेटी पुणे से इंदौर आती घर रणक्षेत्र बन जाता।
डॉ. आयुषी ने शादी के कुछ समय बाद मकान का रंगरोगन करवाया। पुताई के दौरान उन्होंने कुहू की मां व भय्यू महाराज की पहली पत्नी माधवी की सारी तस्वीरें हटवा दीं। जब कुहू पूणे से घर आई और मां की तस्वीरें गायब देखी तो हंगामा कर दिया। डॉ. आयुषी और कुहू के बीच जमकर कहासुनी हुई। उस वक्त भी भय्यू महाराज बेटी के पक्ष में खड़े रहे। उन्होंने डॉ. आयुषी को समझाने की कोशिश की और कहा वह बेटी को कैसे डांट सकते हैं। इन दोनों घटनाओं से डॉ. आयुषी और गुस्सैल हो गई। अब वह भय्यू महाराज और उनके करीबी कर्मचारियों से भी सीधे लड़ने लगी थी। भय्यू महाराज बेटी और पत्नी के बीच फंस चुके थे। घर का हर कर्मचारी इस बात से भयभीत रहता था कि घर में किसी भी वक्त बवाल मच सकता है।
डॉ. आयुषी ने भय्यू महाराज के सामने अपने माता-पिता को साथ रखने का प्रस्ताव रख दिया। दबाव में भय्यू महाराज ने अपने घर के सामने ही बड़ा बंगला किराए पर लिया और डॉ. आयुषी के माता-पिता को ठहराया। जैसे ही कुहू को इस बारे में पता चला, उसने पिता से नाराजगी जताई। भय्यू महाराज ने बेटी को समझाने का प्रयास किया और कहा कि वह कुछ समय में सब कुछ ठीक कर देंगे। उन्होंने स्कीम-74 में 60 लाख रुपये का प्लॉट खरीद लिया है। वहां बड़ा बंगला बनाकर कुहू के साथ रहेंगे। कुहू ने उनकी बातों पर विश्वास करने से इन्कार कर दिया। भय्यू महाराज को हर वक्त यही लगता था कि पत्नी और बेटी में किसी भी वक्त हाथापाई हो सकती है। आश्रम के कर्मचारी और नौकर-नौकरानी भी गृह कलह से सहमे-सहमे रहते थे।
कल भी महाराज की बेटी कुहू करीब तीन महीने बाद इंदौर लौटी थी। गोली लगने की बात सुन वह सीधे बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंची और पिता को देखा। पिता को खून से सना देख बदहवास हो गई। दोपहर में वह गुस्से में घर (सिल्वर स्प्रिंग) पहुंची और डॉ. आयुषी की तस्वीरों को फोड़ना शुरू कर दिया। उनके साथ मौजूद कांग्रेस की महिला नेता ने उसे संभाला और कमरे में लेकर गई। मां और बेटी में मारपीट न हो, इसके लिए दोनों को अलग रखा और उनके कमरों के बाहर महिला पुलिसकर्मियों को तैनात करना पड़ा।
अभी अभी सूचना मिली है कि भय्यू महाराज की पत्नी और बेटी दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ आरोप लगाते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की है । आश्चर्य की बात यह है परिवार में अनेक सदस्यों के होने के बावजूद भय्यू महाराज ने अपने हस्तलिखित बयान में अपने सेवक विनायक को अपनी सारी संपत्ति का कस्टोडियन बनाने की बात कही है। जो भी हो भय्यू महाराज का जीवन दुःखद अध्याय के साथ समाप्त हो गया है।
हो सकता है कुछ वैचारिक विरोधी इसे महिलाओं के विरोध में कई गयी पोस्ट मान लेवे। लेकिन मैंने पूर्ण तथ्य रखे है।
मेरा सिर्फ इतना कहना है कि ताकत,पैसा और विचारो के अत्यधिक धनी भय्यू महाराज भी जब पारिवारिक महिलाओं के विवाद से डिप्रेशन में आ सकते है तो बाकी की क्या औकात है......
मस्त रहो व्यस्त रहो । भय्यू महाराज को विनम्र श्रद्धांजलि।
सादर
सुधांशु

मंगलवार, जून 12, 2018

राजीव गांधी की हत्या और अनकहे पहलू

Satish Chandra Mishra
# प्रधानमंत्री_की_हत्या_की_साज़िश_की_खबर_पर
# सोनिया_की_कांग्रेस_की_खिल्ली_ने_
# मुझे_चौंकाया_नहीं ।
21 मई 1991 की रात लगभग 9:40 पर तमिलनाडु के श्रीपेरम्बदूर में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या एक भयानक आत्मघाती बम विस्फोट के द्वारा कर दी गयी थी। आत्मघाती हमलावर का नाम धनु था और घटनास्थल पर रहकर हत्या की उस पूरी साज़िश को अंजाम देनेवाले आतंकी सरगना का नाम शिवरासन था। इतनी कहानी से तो लगभग पूरा देश परिचित है। लेकिन राजीव गांधी हत्याकांड के कुछ और सच भी थे। जो देश के सामने कभी सार्वजनिक नहीं हुए। कुछ लोगों को छोड़कर वह सच आजतक देश के सामने सार्वजनिक नहीं किये गए। उन सच्चाइयों की कोख से उपजे सवालों के जवाब ना खोजे गए, ना ही किसी और को खोजने दिया गया।
# पहला_सच
जिस श्रीपेरम्बदूर की चुनावी सभा में राजीव गांधी की हत्या हुई उस श्रीपेरम्बदूर की कांग्रेसी सांसद का नाम मार्गथम चन्द्रशेखर था और वही उस चुनावी सभा की मुख्य कर्ताधर्ता थी।
# दूसरा_सच
जिस आत्मघाती हमलावर धनु ने स्वयं को बम विस्फोट से उड़ाकर राजीव गांधी को मौत के घाट उतार दिया था। वह धनु श्रीलंका से भारत आकर तमिलनाडु में किसी और के घर में नहीं बल्कि मार्गथम चन्द्रशेखर के घर मे गेस्ट बनकर रह रही थी।
# तीसरा_सच
हाई सिक्योरिटी वाले जिस चुनावी सभा मे राजीव गांधी की हत्या हुई उस हाई सिक्योरिटी वाली चुनावी सभा तक मार्गथम चन्द्रशेखर की बेटी लता के साथ ही आत्मघाती हत्यारिन धनु पहुंची थी। लता बाद में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर विधायक भी बन गयी थी।
# चौथा_सच
जिस चुनावी सभा के मंच पर राजीव गांधी की हत्या हुई उस चुनावी सभा के आयोजन के लिए लिट्टे के आतंकी सरगना शिवरासन ने मार्गथम चन्द्रशेखर के बेटे ललित चन्द्रशेखर को 5 लाख रूपये दिए थे। ललित उसी श्रीपेरम्बदूर से ही कांग्रेस के टिकट पर विधायक का चुनाव लड़ रहा था। ललित की बीबी श्रीलंकाई थी और उसी के माध्यम से धनु मार्गथम चन्द्रशेखर के घर तक पहुंची थी।
ध्यान रखें कि जिस समय शिवरासन ने 5 लाख रुपये दिए थे उस समय देश में 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग 3500 रुपये थी। अर्थात तब के 5 लाख आज के 50 लाख के बराबर थे। इतनी बड़ी रकम कोई व्यक्ति किसी अपरिचित अनजान या कम परिचित व्यक्ति से कभी नहीं लेता।
# पांचवा_सच
तमिलनाडु कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष वी राममूर्ति ने उस चुनावी सभा की कवरेज के लिए एक वीडियोग्राफर नियुक्त किया था जिसकी वीडियो फुटेज से यह पता चलता था कि हत्याकाण्ड से पहले धनु किन किन लोगों से घुलमिल कर बातें कर रही थी। वह वीडियो फुटेज उसके परिचितों की पहचान करा रही थी। वी राममूर्ति ने 22 मई को ही वह वीडियो हत्याकाण्ड की जांच के लिये आईबी के तत्कालीन चीफ एमके नारायणन को सौंप दिया था। जिसकी सूचना तत्कालीन प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर को पत्र लिखकर भी दे दी गयी थी। लेकिन बाद में वह वीडियो गायब हो गया।
# छठा_सच
राजीव गांधी हत्याकांड के मुख्य जांच अधिकारी के.रागोथमन ने अपनी किताब Conspiracy to Kill Rajiv Gandhi: From the CBI Files. में बहुत साफ लिखा है कि हत्याकाण्ड की जांच के लिए बनी SIT के चीफ डी.कार्तिकेयन ने बाद में वी.राममूर्ति पर जबरदस्त दबाव डाला था कि वो वीडियो टेप देनेवाली बात पर ज्यादा जोर ना दे दें।
डी.कार्तिकेयन उस समय आईबी चीफ एमके नारायण के अधीन ही काम कर रहे थे। 2012 में एक इंटरव्यू में जब कार्तिकेयन से उस वीडियो के बारे में पूछा गया तो कार्तिकेयन ने साफ कह दिया था कि ऐसे किसी वीडियों की बात ही उन्हें याद नहीं।
# सातवां_सच
डी. कार्तिकेयन और एमके नारायणन ने मार्गथम चन्द्रशेखर और उसके परिवार के किसी भी सदस्य को गिरफ्तार कर उनसे कभी पूछताश ही नहीं की।
# आठवां_सच
इतने बड़े बम धमाके में उस चन्द्रशेखर परिवार के किसी सदस्य और किसी भी बड़े कांग्रेसी नेता को खरोंच तक नहीं आयी। जबकि रजीव जब मंच पर थे तब आयोजक उनके बिल्कुल निकट होने चाहिए थे लेकिन वो सब एक सुरक्षित दूरी पर रहे।
आखिर क्यों.?
# नौवां_सच
उस सर्वाधिक महत्वपूर्ण सबूत वाले वीडियो के गायब होने से अत्यन्त क्रोधित हुए थे 1992 में देश का प्रधानमंत्री बने पीवी नरसिम्हा राव। तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने 1992 में ही एमके नारायणन को आईबी चीफ के पद से हटाकर उनके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करने जांच करने का आदेश CBI को दिया था। लेकिन पीवी नरसिम्हा राव के पद से हटते ही वह केस खत्म हो गया था तथा यूपीए की सरकार में एमके नारायणन को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरीखा पद सौंप दिया गया था। उसके बाद यूपीए सरकार ने एमके नारायणन को बंगाल का गवर्नर बनाकर सम्मानित किया था।
के रागोथमन की किताब तथा श्रीलंका के एक अखबार में कई किस्तों में छपी राजीव हत्याकांड की जांच रिपोर्ट ऐसे कई अन्य तथ्यों से परिचित कराती है।
लेकिन उपरोक्त तथ्य ही मेरे लिए पर्याप्त हैं इसबात के लिए कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हत्या की साज़िश की खबर की यदि सोनिया की कांग्रेस खिल्ली उड़ा रही है तो उससे यही उम्मीद की भी जानी चाहिए।
Comments
इंदिरा गांधी राजीव गांधी और संजय गांधी इन तीनों की हत्याओं के पीछे भयंकर षडयंत्र इटली में बैठे ईसाई मठाधीशों द्वारा भारत की सत्ता को पिछले दरवाजे से कबजाने के लिए किया गया है सोनिया इस पूरे खेल में एक बड़ा मोहरा है बड़ा ही दीर्घकालिक सोच के साथ सोनिया को इंदिरा गांधी के परिवार में फिट किया गया उसके बाद धीरे-धीरे जो रास्ते में आता गया उसको समाप्त कर दिया गया

इस हत्याकांड के जीवित अपराधियो से 4 बार जेल में जाकर सोनिया गांधी मिली थीं और उनकी अनुशंसा पर अपराधियों को सुविधापूर्ण श्रेष्ठ श्रेणी मिली हुई थी जो कि बड़े राजनीतिक कैदियों को मामूली से सजा पर मिलता है।

एक महत्वपूर्ण तथ्य ये भी है कि राजीव गांधी की हत्या के बाद 7 वर्षों तक कांग्रेस और उसके समर्थन पर चलने वाली सरकारें रहीं लेकिन फिर भी जांच सही तरीके से नहीं हो पाई।
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